टाईनी टोज़ के बच्चों की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन हर नज़रिए से क़ाबिल-ए-तारीफ है : डाॅ नितिन पात्रा




नौनिहालों में शिक्षा के संस्कार रोपने वाली शैक्षणिक संस्थान टाइनी टोज़ स्कूल के तत्वावधान में हर साल की तरह इस साल भी वार्षिक समारोह उजागर 4.0 वर्ष 2025–26 बीते 20 दिसंबर रविवार को पंजरी प्लांट निगम ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। बेहद भव्य और प्रेरणादायक समारोह के दौरान नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का सुंदर संगम देखने को मिला। इस गरिमामय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि रायपुर के शिशु मनोवैज्ञानिक डॉ. नितिन पात्रा की उपस्थिति बेहद ख़ास रही, जिससे ने समारोह की शोभा कई गुना बढ्र गई। टाईनी-टोज़ के भव्य वार्षिक समारोह की शुरुआत अतिथियों के हाथों दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने ऑडिटोरियम में मौजूद सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वार्षिक समारोह के मुख्य अतिथि शिशु मनोवैज्ञानिक डॉ. नितिन पात्रा ने बच्चों के मानसिक विकास और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए टाईनी टोज़ स्कूल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा “आज का दिन टाइनी टोज़ स्कूल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, यहाँ के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का जो प्रदर्शन किया है, वह वास्तव में हर नज़रिए क़ाबिल-ए-तारीफ है। इस आयोजन की सफ़लता के लिए मैं स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती चाहत पंजाबी, प्रिंसिपल सुबल नायक और सभी शिक्षकों को बधाई देता हूँ क्योंकि आप सभी के प्रयासों से ही यह कार्यक्रम इतना शानदार बना है।” कार्यक्रम में बच्चों ने शिवाजी, झांसी की रानी जैसे कई अलग अलग किरदारों को मंच पर जीवंत किया। इन महान किरदारों पर केंद्रित बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने और भावुक होने पर मजबूर कर दिया। कोरियोग्राफ़र सुरेन्द्र निषाद ने बच्चों की प्रस्तुति को उत्कृष्ट बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर टाईनी टोज़ स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती चाहत पंजाबी ने कहा कि “हमारा उद्देश्य बच्चों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपनी बाल सुलभ प्रतिभा दिखा सकें, आज के इस आयोजन के जरिए हमने यह साबित कर दिया है कि हमारे बच्चे किसी से कम नहीं हैं।” पूरे कार्यक्रम का व्यवस्थित संचालन पायल पांडेय, प्रिया चौहान, रूमन शर्मा, अंकिता शर्मा, रचना यादव, पुष्पा शर्मा, सोनल अग्रवाल, शैलजा गरुड़, गरिमा जायसवाल, वंशिका थवाईत, दिव्या बोइधार, विभा डांसना, दामिनी दास, पारुल सहित सभी शिक्षकों ने मिलकर किया। इस वर्ष के वार्षिक महोत्सव की थीम अत्यंत विचारोत्तेजक और प्रेरणादायक रही, जिसमें प्रमुख तौर पर नारी शक्ति-महिला सशक्तिकरण का प्रभावशाली संदेश, बॉलीवुड प्रस्तुति-मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक रंग, दशावतार-भारतीय संस्कृति और पौराणिक चेतना, ऑपरेशन सिंदूर-देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत प्रस्तुति, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम-महान वैज्ञानिक एवं प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व। इन सभी विषयों को बच्चों ने नृत्य, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से इतनी ख़ूबसूरती से प्रस्तुत किया कि कार्यक्रम में मौजूद सभी अभिभावक और अतिथि भावविभोर हो उठे। नन्हें कलाकारों ने अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और कला कौशल से साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर बच्चे असाधारण प्रदर्शन भी कर सकते हैं। कोरियोग्राफ़ी, वेशभूषा और मंच सज्जा बेहद आकर्षक एवं सराहनीय रही। उजागर 4.0 महज़ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि बच्चों की प्रतिभा, शिक्षकों की सामूहिक और अभिभावकों के सहयोग का उत्सव था। यह वार्षिक महोत्सव सभी के लिए यादगार बन गया साथ ही भविष्य में और भी ऊँचाइयों को छूने की प्रेरणा दे गया।




























































