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प्रो. डीएस ठाकुर के हाथों अभिनव स्कूल में गरिमामय ध्वजारोहण

चक्रधर संगीत महाविद्यालय के संस्थापक और पखावज वादक देवलाल भी हुए शामिल

बीते 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर हीरापुर,मिट्ठूमुड़ा स्थित अभिनव स्कूल में किरोड़ीमल शासकीय पालीटेक्निक से सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो.डी.एस.ठाकुर और चक्धर संगीत महाविद्यालय के संस्थापक पखावज वादक देवलाल देवांगन की गरिमामय मौजूदगी में ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि को विद्यालय के स्काउट ग्रुप द्वारा परेड के साथ मंच तक ले जाया गया, इस दरमियान विद्यार्थियों द्वारा अतिथियों लगातार पुष्प-वर्षा की गई, फिर मंच में अतिथियों का स्वागत किया गया, स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करते हुए अतिथियों ने पहले तो भारत माता के छाया चित्र में धुप-दीप के साथ पुष्प मालाएं अर्पित कीं, इसके बाद ध्वजारोहण किया, ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो. डी.एस. ठाकुर ने निजी जीवन के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि “जब वे कक्षा पहली के छात्र थे, उस समय नटवर हाई स्कूल के प्रांगण में 14 अगस्त 1947 की रात 10 बजे रेडियो द्वारा स्वतन्त्रता प्राप्त होने की समाचार प्राप्त होने पर तत्कालीन हेड मास्टर द्वारा झंडा फहराया गया था, फिर अगले ही दिन 15 अगस्त 1947 की सुबह 4 बजे प्रभात फेरी निकाली गई और सुबह 7 बजे रायगढ़ रियासत के शासक राजा चक्रधर सिंह ने आज़ादी का पहला राष्ट्रध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी थी, साथ ही स्टेट का भी झंडा फहराया।” उन्होंने अपने संबोधन में  तिरंगे के संबंध में अहम् जानकारी देते हुए यह भी बताया कि “हमारे देश का राष्ट्रध्वज तिरंगे को 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा की बैठक में अपनाया गया था, जिसे पिंगली वेकैया नामक शख्स ने सन् 1921 मे डिज़ाइन किया था।” कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को कर्तव्य के महत्व को समझाते हुये कहा कि “हमें देश हित के लिये अपना कर्तव्य करते रहना चाहिये, सिर्फ भाग्य के भरोसे नहीं रहना है, कर्तव्य करते रहने से भाग्य भी साथ साथ चला आता है।” कार्यक्रम के अगले चरण में स्कूल के छात्र छात्राओं द्वारा भाषण,कविता पाठ, देश भक्ति गीत और व्यायाम प्रदर्शन किया गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को सफ़ल बनाने में स्कूल प्रबंधन के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं और कार्यालय स्टाफ़ का उत्साहजनक सहयोग रहा।

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