



ज्योतिषीय गणना के मुताबिक़ बीते 7 मार्च से होलाष्टक प्रभावशील हो गया है और 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन रायगढ़ नगर निगम के नव निर्वाचित महापौर और पार्षदों का शपथ ग्रहण भी हो रहा है। हिंदू परंपराओं के तहत् ऐसी मान्यता है कि होलाष्टक में शुभ कार्य नहीं होते, बावजूद इसके शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर होलाष्टक ने अपना असर कुछ ऐसा दिखाया कि शपथ ग्रहण समारोह स्थल पंजरी प्लांट ऑडिटोरियम के बाहर वार्ड नंबर 42 के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय पार्षद ऊसत राम भट्ट की जाति पर सवाल उठाते हुए उसके शपथ ग्रहण का विरोध बाक़ायदा बैनर पोस्टर के साथ जताया। इन सभी का आरोप था कि वार्ड नंबर 42 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड था, जिसमें ऊसत राम भट्ट ने अनुसूचित जाति का होते हुए पिछड़ा वर्ग की फ़र्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत भी गया। ऊसतराम के शपथ ग्रहण का विरोध कर रहे भाजपाईयों ने दस्तावेज़ों के आधार पर दावा कर रहे हैं कि उसका जाति प्रमाणपत्र फ़र्जी है, जिसे चैलेंज भी किया जा चुका है।
हालांकि ऊसतराम भट्ट के शपथ ग्रहण का विरोध प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को भाजपा नेताओं सहित महापौर ने मना लिया है और ऑडिटोरियम के अंदर ले गये हैं, लेकिन सवाल अपनी जगह खड़ा है…..सवाल ये कि क्या ऊसतराम भट्ट ने ग़लत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा है? क़ायदे से तो जांच होनी चाहिए।