














सोमवार 17 मार्च की सुबह तक़रीबन साढ़े नौ से दस बजे के दौरान कोतरारोड, हीरापुर क्षेत्र से आसमान पर काला धुआं उठता हुआ दिखाई दिया, आसमान की तरफ़ उड़ते काले धुंए के ग़ुबार को देखकर अंदाज़ा लगाया जाने लगा कि कहीं ना कहीं भीषण अग्निकांड हुआ है, कुछ ही मिनटों में साफ़ हो गया कि कोतरा रोड क्षेत्र में बिजली विभाग के गोडाउन में सैकड़ों की तादाद में रखे ट्रांसफॉमर्स को डंप करके रखा गया था, इन्हीं ट्रांसफॉमर्स में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते मिनटों में आग का स्वरूप विकराल होने लगा, पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों के अलावा कई उद्योगों की फ़ायर ब्रिगेड विभाग की सक्रियता से आग पर काबू पाने की होड़ मच गई, इस समाचार के लिखे जाने तक लगभग चार घंटे बीत चुके हैं, फिर भी आग पर क़ाबू नहीं पाया जा सका है।हवाओं का रूख़ तेज़ होने के कारण आग लगातार फ़ैलती जा रही है, जिससे बिजली विभाग की इस गोडाऊन से लगे रिहायशी इलाक़ों में ख़तरा बढ़ता जा रहा है, सबसे चिंताजनक बात ये थी कि बिजली विभाग के गोडाउन से लगा हुआ गजानंदपुरम् का रिहायशी इलाक़ा है, इस रिहायशी इलाक़े में भी अग्निकांड की वजह से काफी देर तक अफ़रा-तफ़री भरा माहौल बना रहा, गजानंदपुरम् कॉलोनी से प्रशासन द्वारा एहतियातन लोगों को निकाले जाने की भी ख़बरें आ रही हैं।
इस दौरान कलेक्टर, एसपी सहित बिजली विभाग के बड़े अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच चुके थे, बताया जा रहा है कि घटना के कारण फ़िलहाल ज्ञात नहीं हैं मगर सीसीटीवी फ़ुटेजेज़ के जरिए पता लगाने की कोशिश की जाएगी, अग्निकांड में हुए नुक़सान का आंकलन करोड़ों में किया जा रहा है।
ग़ौरतलब है कि बीते वर्ष 2023 के फ़रवरी महीने की 15 तारीख़ को भी बिजली विभाग के इसी गोडाऊन में भीषण आग लगी थी, जिस पर फड़ी मशक्कत के बाद क़ाबू पाया जा सका था। उसी जगह आज के भयंकर अग्निकांड ने साबित कर दिया है कि बिजली विभाग ने दो साल पहले की घटना से सबक़ नहीं लिया, जिसके कारण एक बार फिर भयंकर अग्निकांड का सामना करना पड़ रहा है, इस बार तो हालात पिछली बार से ज़्यादा भयावह हैं। ऐसी घटनाओं पर तो सीधे सीधे ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए।