अक्टूबर नवंबर 2023 के दौरान किशोरीमोहन त्रिपाठी शासकीय महिला महाविद्यालय की ज़मीन में श्याम टाॅकीज़ रोड के पांच दुकानदारों ने पीछे की तरफ़ से अतिक्रमण को खुले तौर पर अंजाम दिया था, सबसे शर्मनाक बात तो ये थी कि तत्कालीन काॅलेज प्रबंधन ने अपने परिसर में हो रहे अतिक्रमण को ना केवल संरक्षण दिया बल्कि निर्माण कार्य के लिए सभी सामग्री और मज़दूरों को आने जाने के लिए काॅलेज के दरवाज़े खोल दिये थे, इस सह्रदयता के लिए काॅलेज प्रबंधन को क्या मिला ये तो नहीं पता लेकिन निगम प्रशासन ने भी श्याम टाॅकीज़ रोड के दुकानदारों को अतिक्रमण की छूट देकर संदेह की सुई अपनी तरफ़ भी मोड़ ली। गर्ल्स काॅलेज के अतिक्रमण को लेकर मीडिया के दबाव के बीच ना चाहते हुए भी तत्कालीन काॅलेज प्रबंधन को निगम प्रशासन और जिला प्रशासन के नाम शिक़ायती पत्र लिखना पड़ा। नतीजे में निगम प्रशासन के अतिक्रमण रोधी दस्ते ने सूरज देवांगन के नेतृत्व में मौक़े से निर्माण सामग्री ज़ब्त की। बावजूद इसके श्याम टाॅकीज़ के पांच दुकानदारों ने निर्माण कार्य बंद नहीं किया, अब साफ़तौर पर देखा जा सकता है कि दीवार उठाने की बजाय टीन की चादर से दीवार बनाकर पैक किया गया है, जबकि निगम की तरफ से इस अतिक्रमण को ही ध्वस्त करना था। फ़िलहाल तो मौजूदा गर्ल्स काॅलेज प्रबंधन और निगम प्रशासन चुप है। वहीं बूजी भवन के सामने कई तरफ़ से भी काॅलेज की ज़मीन पर अतिक्रमण करने की तैयारी की जा रही है, कुछ लोगों ने तो उधर की तरफ़ भी अतिक्रमण कर लिया है।





अतिक्रमण के ऐसे अनेकों मामलों से जुड़ा एक रहस्य ये भी है कि आख़िर किसकी शह पर श्याम टाॅकीज़ रोड और बूजीभवन रोड की तरफ़ के लोग खुलेआम अतिक्रमण को अंजाम दे रहे हैं और जिला प्रशासन, निगम प्रशासन काॅलेज प्रबंधन चुप है। अब लाख टके का सवाल ये है कि काॅलेज की ज़मीन पर हुए अतिक्रमण को निगम प्रशासन द्वारा हटाया जायेगा कि नहीं और क्या केएमटी गर्ल्स काॅलेज प्रबंधन अपनी ज़मीन से ऐसे अतिक्रमण को हटाने के लिए गंभीर होता है या नहीं?




























































