
कलेक्टर ने तत्काल इमरजेंसी बैठक में नियंत्रित करने बनाई रणनीति


पोल्ट्री फ़ार्म की सारी मुर्गियों, चूज़ों और अंडों को किया गया नष्ट
नगर निगम, पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग की टीम का रात भर चला सघन अभियान
रायगढ़ के चक्रधरनगर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बीते शुक्रवार की देर रात बर्ड फ्लू का एक केस मिलने की पुष्टि हुई। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल द्वारा शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र रायगढ़ से भेजे गए कुक्कुट पक्षी शव के नमूनों में उच्च पांथोपनिक एवियन इंफ्लूएंजा H5N1, (बर्ड फ्लू) के संक्रमण की पुष्टि 31 जनवरी 2025 को की गई है। शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र रायगढ़ में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर कलेक्टर द्वारा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और पशुपालन विभाग के राज्य कार्यालय के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। रात 11 बजे ही वरिष्ठ अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई गई और रात 11 से 12.30 बजे तक पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, नगर निगम आयुक्त सहित स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ इस विषम परिस्थिति से निपटने की पूरी रणनीति बनाते हुए लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से पोल्ट्री फार्म की सारी मुर्गियों, चूज़ों, अंडों और कुक्कुट आहार को तत्काल नष्ट करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत् पोल्ट्री फार्म की करीब 5 हजार मुर्गियां, 12 हजार चूज़े और 17 हजार अंडों को नष्ट करने की तैयारी की गई। सभी संबंधित विभागों को एक्टिवेट किया गया। जिससे सूर्योदय से पहले ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और संक्रमण उस क्षेत्र से बाहर न फैले।
नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी रात संयुक्त अभियान चलाकर संक्रामक रोग प्रोटोकॉल के तहत पोल्ट्री फार्म की सभी मुर्गी, चूज़े, अंडे और कुक्कुट आहार को नष्ट किया। इसके लिए मुर्गों और चूजों को मारकर जमीन में दफनाया गया। इसके लिए पोल्ट्री फार्म परिसर में पूरे सुरक्षात्मक उपायों के साथ जेसीबी से गड्ढा खोदकर उसमें नमक और चूने की परत बिछा कर मुर्गियों और चूज़ों को दफनाया गया और ऊपर से फिर नमक और चूने की लेयर डाली गई। इसी प्रकार अंडों को भी नष्ट किया गया, जिससे संक्रमण न फैले। इसके साथ ही परिसर को संक्रमण मुक्त करने डिसइन्फेक्शन किया जा रहा है। कलेक्टर पूरी रात इस कार्रवाई का अपडेट लेते रहे।
पक्षियों का उच्च पैंथोपनिक एवियन इन्फ्लूएंजा रोग पशुओं में संक्रामक और सांसर्गिक रोगों के निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2009 अंतर्गत “अनुसूचित रोग” है, जिसकी रोकथाम और नियंत्रण के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार के एक्शन प्लान फ़ॉर प्रिवेंशन, कंट्रोल एंड कंटेनमेंट ऑफ़ एवियन इन्फ्लूएंजा (रिवाइज्ड 2021) के अनुसार कार्यवाही की जानी होती है। इसी के परिपालन में चक्रधरनगर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र से एक किलोमीटर रेडियस क्षेत्र को ‘इन्फ़ेक्टेड ज़ोन’ तथा 1 से 10 किलोमीटर क्षेत्र में ‘सर्विलांस ज़ोन’ घोषित किया गया है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार के एक्शन प्लान फॉर प्रिवेंशन, कंट्रोल एंड कंटेनमेंट ऑफ एवियन इन्फ्लूएंजा (रिवाइज्ड 2021) प्रोटोकॉल के अनुसार बर्ड फ्लू की स्थिति में 1 किमी ‘इन्फ़ेक्टेड ज़ोन’ में कुक्कुट, अण्डे और कुक्कुट आहार की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित होगी। ‘इन्फ़ेक्टेड ज़ोन’ में कुक्कुट पक्षियों, अण्डों और कुक्कुट आहार का विनष्टीकरण किया जायेगा। इसके लिए पशुपालन विभाग द्वारा अलग से मुआवज़ा दिया जाएगा। ‘सर्विलांस ज़ोन’ में पोल्ट्री और कुक्कुट अंडों की दुकानों को पूर्णतः बंद रखा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के डीआईओ डॉ भानु पटेल ने बताया कि “बर्ड फ़्लू वायरस मुख्यतः पक्षियों और जानवरों में फैलता है। भारत में बर्ड फ़्लू वायरस के एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के मामले नहीं देखे गए हैं, हालांकि इसके लक्षण और संक्रमण के जोखिमों को लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने की ज़रूरत है। इस वायरस से संक्रमण की स्थिति में हल्के से लेकर गंभीर लक्षण हो सकते हैं।” स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि “बर्ड फ़्लू के अधिकतर लक्षण इंफ़्लूएंजा की तरह ही दिखते हैं, इसकी समय रहते पहचान ज़रूरी है।” डॉ भानु पटेल ने यह भी बताया कि “स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संक्रमण स्थल चक्रधर नगर पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर के दायरे में डोर टू डोर सर्वे कर स्वास्थ्य जांच की जाएगी, जिससे फ़्लू के लक्षण वाले लोगों को एहतियाती उपचार दिया जा सके। इसके साथ ही लोगों को बुखार जैसे लक्षणों को लेकर सतर्क रहने और लक्षण आने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर समय से उपचार कराने की अपील की भी गई है।”