


शहर का वार्ड नंबर बारह, मतदाताओं के लिहाज़ से तक़रीबन तीन हज़ार की तादाद वाले इस वार्ड की पहचान रियासतकालीन रायगढ़ के दौर की है, इस वार्ड में सदियों पुरानी परंपराएं और मान्यताएं आज भी अपने जीवंत स्वरूप में दिखाई देती हैं। इस वार्ड की राजनीति का हमेशा कांग्रेस ने ही नेतृत्व किया है, बीते उन्नीस सौ चौरानबे से लेकर अब तक लगातार कांग्रेस के जयंत ठेठवार अपनी जीत दर्ज़ करते आ रहे हैं, पांच बार ख़ुद जयंत और एक बार उनकी पत्नि को इस वार्ड की जनता ने चुनकर निगम में अपना प्रतिनिधित्व करने भेजा है। सातवीं बार फिर जयंत चुनावी मैदान में हैं, पुरानी बस्ती बनियापारा सहित समूचे वार्ड क्षेत्र के लोगों ने चुनावी समर में जीत का आशीर्वाद लेने अपने दरवाज़े पर पहुंचे जयंत ठेठवार को माथे पर तिलक लगाकर, गले में फूलों की माला और थाल में सजी आरती उतारकर अपना आशीर्वाद भी दिया। बारह नंबर वार्ड में पुरानी बस्ती, गांजा चौक, पुराना सदर बाज़ार, बनियापारा, केवटापारा, बहिदार पारा, नाईपारा, सोनारपारा, केदार गली, दानीपारा का क्षेत्र आता है, बारह नंबर वार्ड से जयंत के सामने भाजपा के युवा और ऊर्जावान प्रत्याशी नरेंद्र ठेठवार हैं। नरेंद्र ठेठवार को चुनाव में जीत दिलाने के लिए ख़ुद ओपी चौधरी ने मोर्चा संभाला है, बावज़ूद इसके शहर विकास को लेकर जयंत ठेठवार की अपनी मैच्योर सोच है, अब इतने साल से राजनीति कर रहे हैं तो सोच का मैच्योर होना स्वाभाविक है और फिर बीते पांच सालों तक बारह नंबर वार्ड के मतदाताओं ने निगम सभापति भी तो दिया है।
बहरहाल, जयंत ठेठवार को चुनाव में शिक़स्त देने के लिए 2019 में कुछ ख़ास क़िस्म के थैलीशाह लोगों ने मतदान से पहले थैली ढीली की थी और मतदान के दौरान ड्राई-फ्रूट्स के कनस्तर खोल दिये थे, मगर जयंत बड़ी शालीनता से चुनाव लड़े, जिसका नतीज़ा ये हुआ कि जयंत ने अच्छे ख़ासे व्होटों से जीतकर वार्ड का प्रतिनिधित्व किया। इस बार भी जयंत अपनी सधी हुई रणनीति और अपने विपक्षियों को भी साध लेने की ट्रिक के कारण मतदान के पहले तक मतदाताओं की पहली पसंद बने हुए हैं। बारह नंबर के मतदाताओं को इस बात का भरपूर इल्म है कि जयंत की सहजता सरलता उनके क्षेत्र के अलावा शहर के विकास के नज़रिए से भी सबसे मुफ़ीद है और स्थानीय-क्षेत्रीय राजनिति के साथ संतुलन बनाकर रखने वाले ऐसे मैच्योर शख़्स के हाथों में बागडोर थमानी चाहिए।