कंजेशन बढ़ने के औसत में नेटवर्क दुरुस्त भी तो होना चाहिए, मगर ऐसा हो नहीं रहा

बीते लंबे समय से मोबाईल नेटवर्क की समस्या ने जियो एयरटेल जैसी कंपनियों के उन तमाम दावों को खोखला साबित कर दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि 5G नेटवर्क से कंज्यूमर्स को उम्मीद से चौगुना फ़ायदा नेटवर्क की स्पीड को लेकर होगा। यहां तो कंज़्यूमर की जेब से 5G नेटवर्क के नाम पर बढ़े हुए दाम एडवांस में ढीले करवा लिए जाते हैं और जब बारी सर्विस देने की आती है, तो कंज़्यूमर को 5G की जगह 3G वाली स्पीड भी नहीं मिलती, सबसे बुरा हाल तो काल्स को लेकर हो रखा है, थोड़ा सा कमरे के भीतर जाओ, नेटवर्क ग़ायब, ना नेट चलता और ना ही किसी से बात हो पाती है। 

अभी कुछ महीनों से JIO के नेटवर्क ने कंज़्यूमर्स को ख़राब सर्विस के कारण ख़ून के आंसू रुलाया हुआ है, नेटवर्क की समस्या से इंटरनेट यूज़र्स का काम प्रभावित होना लाज़िमी है। क़ायदे से तो ये मामला उपभोक्ता वाद का बनता है, पर कोई बेवजह की परेशानी मोल लेना नहीं चाहता। मगर इंटरनेट सर्विस देने वाली JIO और AIRTEL कंपनियों का यही हाल रहा, तो यूज़र्स को कड़े क़दम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।