बीते दिनों छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के तत्वाधान में मुकुटधर पाण्डेय साहित्य समिति कोरबा के सहयोग से पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में जिला स्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ। इस मौक़े पर कार्यक्रम का शुभारंभ आयोग की सचिव डॉक्टर अभिलाषा बेहार नें माता सरस्वती के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर सस्वर वंदना सुनाई, सम्मेलन की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने की, साहित्य साधकों में संजू देवी सिंह राजपूत, नूतन सिंह ठाकुर, डॉ पवन सिंह, दिनेश नाग, नरेंद्र देवांगन, शशि दुबे, आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, डॉक्टर अभिलाषा बेहार मंचासीन रहे। छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थापित करने के लिए आयोग हर संभव प्रयास कर रहा है, प्रभात मिश्रा ने इसे अस्मिता की लड़ाई बताया। केबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने आयोजन की सफ़लता पर आयोजकों को बधाई दी। कोरबा के समन्वयक दिलीप अग्रवाल के मार्गदर्शन पर कार्यक्रम व्यवस्थित, गरिमामय और सुनियोजित तरीक़े से संपन्न हुआ साथ ही आयोजक मंडल ने सभी सदस्यों ने बेहतरीन ढंग से पूरी ज़िम्मेदारी के साथ अपनी अपनी भूमिका निभाई। सम्मेलन के दौरान कोरबा के वरिष्ठ साहित्यकार उमेश अग्रवाल, दीप दुर्गवी और हनी तिवारी का सम्मान भी किया गया। इस ख़ास अवसर पर रायगढ़ के जिला समन्वयक पुरुषोत्तम गुप्ता, वरिष्ठ साहित्यकार मनमोहन सिंह ठाकुर , डॉ आशा मेहर ‘किरण’, धनेश्वरी देवांगन ‘धरा’ ने कोरबा में अपनी रचनात्मकत मौज़ूदगी दर्ज़ कराते हुए छत्तीसगढ़ी में काव्य पाठ किया। विभिन्न जिलों से आये करीब 70-80 कवियों नें भी छत्तीसगढ़ी में ही काव्य पाठ किया। कार्यक्रम की सफलता हेतु रायगढ़ के साहित्यकारों ने आयोजको को बधाई दी। इस आशय की जानकारी रायगढ़ अंचल की बेहद समर्पित साहित्य मनीषी डाॅ. आशा मेहर “किरण” ने दी, किरण उनका तख़ल्लुस है।
































