





मौजूदा निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस भाजपा और आम आदमी पार्टी ने अपनी अपनी सूची लगभग जारी कर दी है, अगर कहीं सूची जारी करने का काम बचा रह गया है, तो संभवतः सोमवार तक सारा खेल बेपर्दा हो ही जाना है। रायगढ़ नगर निगम की अगर बात करें तो तीसरे मोर्चे (आशीर्वाद पैनल) ने इंजीनियर सिरिल को अपना महापौर प्रत्याशी घोषित किया है, इसी के साथ उन्होंने अपना घोषणापत्र भी जारी कर दिया है। इंजीनियर सिरिल कुमार इससे पहले के चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी थे।
ख़बरें आ रही हैं कि इस बार आम आदमी पार्टी ने इंडिया सीएसआर के डायरेक्टर रूसेन कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है, इससे पहले रूसेन जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के जन संपर्क विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और भाजपा नेता सुनील रामदास अग्रवाल की ब्रांडिंग में सबसे बड़ा योगदान रहा है। अब अपनी कंपनी इंडिया सीएसआर के जरिए देश भर के कारपोरेट्स में रूसेन कुमार ने बड़ी पहचान बना ली है।
प्रदेश की सत्ता में काबिज़ भारतीय जनता पार्टी ने रविवार की दोपहर सभी नगर निगमों के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी, जिसके मुताबिक़ रायगढ़ से अपने ज़मीनी कार्यकर्ता जीवर्धन चौहान को प्रत्याशी घोषित किया गया है। टिकट का ऐलान होते ही भाजपा की तरफ़ से जीवर्धन के चायवाला होने की बात पूरे दमखम के साथ प्रचारित की जा रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि बाजीरावपारा स्थित विश्वासगढ़ चर्च की दीवार से लगकर जीवर्धन की चाय पान मसाला कोल्ड ड्रिंक्स की दुकान है। हालांकि इन सबके बीच सबसे बड़ी बात ये है कि जीवर्धन पूर्व पार्षद के अलावा संगठन के पदों पर काम करते हुए भाजपा का एक समर्पित कार्यकर्ता रहा है।
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भी रविवार की देर रात महापौर के अलावा नगर पालिका नगर पंचायत अध्यक्षों की सूची जारी कर दी। रायगढ़ नगर निगम से श्रीमती जानकी काटजू को ही टिकट दी गई है, चूंकि महापौर रहते हुए जानकी काटजू का पूरे पांच साल जनता से सीधा संपर्क और संवाद रहा है, इसलिए उन्हें एक मज़बूत प्रत्याशी माना जा रहा है। हालांकि बिखराव और गुटबाज़ी के भंवर में फंसी रायगढ़ कांग्रेस जानकी काटजू के लिए कितना दम दिखा पाती है, ये तस्वीर तो आने वाले दिनों में ही साफ़ हो पायेगी।
इधर नगर निगम के चुनाव में पूर्व महापौर जेठूराम मनहर कांग्रेस भाजपा का समीकरण बिगाड़ पायेंगे, इस बात की चर्चा भी सरगर्मी के साथ हो चली है। ग़ौरतलब है कि जेठूराम मनहर ने कुछ माह पहले कांग्रेस से ख़ुद को अलग कर लिया था और तभी से उन्होंने अपनी मेयर चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी थी। रायगढ़ नगर निगम गठन के बाद जेठूराम मनहर कांग्रेस के पहले महापौर बने थे और उनका यह कार्यकाल पूरी तरह बेदाग़ रहा है, लिहाज़ा रायगढ़ की जनता के बीच जेठूराम मनहर एक भरोसेमंद जाना पहचाना नाम बन चुका है। जेठूराम मनहर ने अपना नामांकन पत्र ख़रीद लिया था, संभावना है कि नामांकन दाख़िल भी करेंगे और चुनाव भी लड़ेंगे, ऐसे में बड़ा नुकसान कांग्रेस को होता हुआ दिखाई देगा। ख़बर है कि जेठूराम मनहर को अपने पाले में लाने के लिए भाजपा ने कोशिशें तेज़ कर दी हैं।
बहरहाल, नामांकन दाख़िले और नाम वापसी के बाद ही असल तस्वीर साफ़ हो पायेगी, तब तक क़यासों का दौर जारी ही रहने वाला है।