
वार्ड नंबर 19 का चुनाव उतना हाई प्रोफ़ाईल नहीं था, जितना कि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुरेश गोयल के मैदान में उतरते ही बना दिया गया था। सुरेश गोयल की टिकट फ़ाईनल होने के पहले से ही उनके परंपरागत विरोधियों ने दुष्प्रचार की हवा से जो गुब्बारा फुलाया, मतदान की तारीख़ आते तक उसी गुब्बारे में भरी गई सारी हवा निकल गई। इस बात में कोई दो राय नहीं कि कांग्रेस से शालू अग्रवाल के मैदान में उतरने और शालू के समर्थन की आड़ में विरोधियों द्वारा जो दुष्प्रचार की हवा फैलायी गई, उससे सुरेश गोयल को परेशानी हुई। स्थानीय राजनीति पर गहरी दखल रखने वाले जानकार लोग भी तय मान बैठे थे कि 19 का चुनावी रण बेहद टफ़ हो गया है।
मगर मतदान से ऐन पहले लेंध्रा उपनाम से पहचान बना चुके सुनील कुमार अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुरेश गोयल के पक्ष में मोर्चा संभाल लिया, खुले तौर पर सुनील लेंध्रा के सुरेश गोयल के पक्ष में आते ही वार्ड नंबर 19 की चुनावी फ़िजां ने एकदम से करवट ले ली और देखते ही देखते सुरेश गोयल के पक्ष में ज़बरदस्त माहौल बन गया। ख़बर तो यहां तक आ रही है कि कांग्रेस प्रत्याशी शालू अग्रवाल के बहुत से समर्थक भी सुनील लेंध्रा का नाम सुनकर सुरेश गोयल के पाले में बैकडोर से खड़े हो गये हैं। ग़ौरतलब है कि सुनील लेंध्रा अपने आप में एक शख़्सियत बन चुके हैं, जो राजनेता भले ही नहीं हैं पर स्थानीय और क्षेत्रीय राजनीति में उनकी गहरी दखल है। मारवाड़ी समाज में भी ज़्यादातर लोग सुनील लेंध्रा पर अपना अटूट विश्वास रखते हैं। बहरहाल, वार्ड नंबर उन्नीस का माहौल एकतरफ़ा तो नहीं लेकिन काफी हद तक भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुरेश गोयल के पक्ष में डायवर्ट हो चुका है।





































