कलाकारों साहित्यकारों ने साझा किये अनुपम पाल से अपने व्यक्तिगत और संस्थागत जुड़ाव के अनुभव, नई ज़िम्मेदारी के लिए दी शुभकामनायें
बीते एक फरवरी की शाम ग्रैण्ड माॅल की पांचवीं मंज़िल में संचालित द मसल्स फ़ैक्टरी जिम के कैफ़े में रायगढ़ की कला साहित्य बिरादरी की तरफ से सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया, यह आयोजन कलाकर्मी अनुपम पाल के सम्मान में आयोजित था, जिन्हें हाल ही में उनकी पार्टी भाजपा ने सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के छत्तीसगढ प्रदेश संयोजक की अहम् ज़िम्मेदारी सौंपी है, इससे पहले अनुपम पाल सांस्कृतिक प्रकोष्ठ में ही प्रदेश सह संयोजक के पद पर अपनी ज़िम्मेदारियों का बख़ूबी निर्वहन कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान मौजूद रायगढ़ के कला और साहित्यकर्मियों ने अनुपम पाल को शाॅल बुके और सम्मान पत्र भी अपनी शुभकामनाओं के साथ भेंट किया।
इसी अवसर पर मौजूद रचनाकारों ने छत्तीसगढ भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल के सम्मान में स्वरचित रचनाओं का पाठ भी किया, सभी ने अनुपम पाल के साथ अपने संस्थागत और व्यक्तिगत जुड़ाव के अनुभव साझा किये। सभी के अनुभवों से एक बात जो साफ़तौर पर निकलकर आई वो ये कि अनुपम पाल वैचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं साथ ही उनका जुड़ाव सभी विचारधारा के लोगों से बना हुआ है और यही कारण है कि अनुपम पाल कला और संस्कृति के क्षेत्र में हर वर्ग के साथ गहरे तक जुड़ाव बना चुके हैं। पारंपरिक लोक कलाओं और लोक संस्कृति को लेकर वे बेहद संवेदनशील भी दिखाई देते हैं।
कला एवं साहित्य बिरादरी की तरफ़ से अनुपम पाल को भेंट किये गये सम्मान पत्र में कहा गया है कि “आपने रायगढ़ में कला, संस्कृति, रंगमंच और साहित्य के क्षेत्र से जुड़कर अपनी सक्रियता बरक़रार रखी है, राजनैतिक तौर पर आपकी प्रतिबद्धता भारतीय जनता पार्टी से रही है और अब आपको छत्तीसगढ प्रदेश में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है इसलिए हम बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, इसी प्रसंग के साथ आपका सम्मान करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।” अपने ही शहर में अपनी ही बिरादरी से मिले सम्मान को पाकर अभिभूत अनुपम पाल ने भरोसा दिलाया कि कला और संस्कृतिकर्म के लिये शहर में टाऊन हाॅल के ऊपरी सभागार और पालीटेक्निक ऑडिटोरियम की उपलब्धता सहज सुलभ कराने की कोशिश की जायेगी, इसी के साथ ही साथ प्रदेश स्तर पर भी शासन की योजनाओं का लाभ कलाकारों साहित्यकारों तक पहुंचाने के लिये सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के माध्यम से ईमानदार प्रयास किये जायेंगे।





































