OP 15 AUG
previous arrow
next arrow
OP 15 AUG
NAGRIK 15 AUG
RAKESH MISHRA 15 AUG
HINDALCO
KIRSHI 15 AUG
JAYANT 15 AUG
MSP 15 AUG
VPLOVE 15 AUG
JINDAL babu ji
NEW BALAJI-METRO
SHIV HOSPITAL 02
SHIV HOSPITAL 01
BALAJI-METRO-ADD-14-SAL
BALAJI-METRO-ADD-2
RUPENDR-PATEL
SHALBH-AGRWAL-ADD-scaled
msp
jindal
3
UTTAM SCHOOL
RH
R-L-ADD-scaled
ispanj ayran
MSP
APEX-ADD
SANJIVANI-1-scaled
SANJIVANI-2-scaled
SANJIVANI-3-scaled
SANJIVANI-4-scaled
SANJIVANI-5-scaled
RAIGARH-ARTHO-02
sunground
ANUPAM
ANUPAM-ADD
UTTAM SCHOOL
GANPATI 2
previous arrow
next arrow
Shadow

दासतान-ए-ट्रिनिटी ग्रैण्ड : शराबखोरी-जुआ और देह व्यापार का नापाक त्रिभुज, पीटा एक्ट के दायरे में हुई कार्रवाई ने मटियामेट कर दी साख

26 अक्टूबर 2022 को मयंक मित्तल (मिट्ठु) की आत्महत्या के बाद सुरेश गोयल, प्रदीप अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, प्रकाश निगानिया की अगुवाई में सर्व समाज की बैठक 27 अक्टूबर को अग्रसेन भवन में हुई थी, जिसमें पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए थे। बैठक में चौतरफ़ा दबाव की वजह से पुलिस ने जुआ-सट्टा के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा था, इसी कड़ी में ट्रिनिटी होटल में भी जुए की पुष्टि होने के बाद डीवीआर की ज़ब्ती हुई थी, यहां अनैतिक कार्य व्यापार तो तब के दौर से चल रहा है जी…..

अब आते हैं देह व्यापार के ख़िलाफ़ रायगढ़ पुलिस की पीटा एक्ट के तहत् की जाने वाली कार्रवाई पर, तो 2019 में रायगढ़ जिले को पीटा एक्ट के दायरे में लिया गया, शुरूआत में इक्का दुक्का कार्रवाईयों ही हुईं फिर तक़रीबन 7 साल का लंबा अंतराल….मगर अब जिस तेज़ी से रायगढ़ में पीटा एक्ट के तहत् धड़ाधड़ कार्रवाईयां हो रही हैं और सफ़ेदपोश चेहरे एक्सपोज़ हो रहे हैं, उसे लेकर समाज में नये पुलिस कप्तान की कार्यशैली की सराहना भी हो रही है।

मगर यहां पर लाख टके का ये सवाल खड़ा होता है कि क्या ऐसा असामाजिक और घृणित कारोबार अभी अभी शुरू हुआ है या लंबे समय से होता आ रहा है? अगर लंबे समय से होता आ रहा है तो किसके संरक्षण में? पुलिस ने पीटा एक्ट के तहत् कितनी कार्रवाई की? हालांकि अनैतिक देह व्यापार को लेकर होटल ट्रिनिटी के स्पा सेंटर बनाम चकलाघर में पुलिस ने दबिश दी, उसके बाद हुई गिरफ़्तारियां और बचा दिये गये चेहरों को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर ऊंगलियां उठ रही हैं, बावजूद इसके शहर में अनैतिक कारोबार को लेकर पुलिस की ताबड़थोड़ कार्रवाई से समाज में थोड़ी ही सही राहत तो है, आज के अराजक हो चुके दौर में लोगों को राहत ही तो चाहिए लिहाज़ा फ़ायर तरीक़े से बिना किसी पक्षपात के कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।

  • Related Posts

    आत्मसर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लाने सशक्त माध्यम बना रंगमंच : राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और नारायणपुर जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से हीरा मानिकपुरी के निर्देशन में तैयार नाटक “चंदा-चकोर” का आज होगा मंचनराष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और नारायणपुर जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से हीरा मानिकपुरी के निर्देशन में तैयार नाटक “चंदा-चकोर” का आज होगा मंचन

    रंगमंच की सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर होगा चक्रधर समारोह के अंतिम दिवस का मंच रायगढ़। कहते हैं छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सल गतिविधियों का पूरी तरह ख़ात्मे हो गया है,…

    आख़िर रायगढ़ कैसे पहुंचा 1971 के युद्ध का साक्षी टैंक “विजय”…..जानिये हक़ीक़त

    रायगढ़ शहर में खबर को लेकर दिलचस्पी रखने वाले लोगों को पिछले दिनों आश्चर्यचकित रह जाना पड़ा जब अकस्मात १९७१ में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में अपनी सामरिक क्षमता का…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    विज्ञापन