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तमाम ख़ूबियों वाले डायमंड सर्कस से बढ़ रही जन्माष्टमी मेले की रौनक

जनमाष्टमी मेले के अवसर पर लंबे अंतराल के बाद फिर एक बार  रायगढ़ में डायमंड सर्कस का सेटअप लग चुका है, शहर के सावित्री नगर मौदहापारा में डायमंड सर्कस संचालित है, जिसमें मणिपुर, असम,बंगाल राज्यों के अलावा अफ्रीका, इथोपिया से भी सर्कस के लिए मशहूर कलाकार शामिल हैं। सर्कस की बात हो रही है और जानवरों की बात छोड़ दें, ऐसा भला कैसे हो सकता है, मगर सरकारी गाईड लाईन के मुताबिक़ अब जानवरों को नहीं रखा जा सकता, लिहाज़ा जानवरों के बिना सर्कस का संचालित करना करना किसी चुनौती से कम नहीं है, बावजूद इसके कुछ विदेशी कलाकारों को भी शामिल करके सर्कस को ज़िंदा रखा गया है और सर्कस देखने वाले लोगों को भरपूर मनोंरंजन परोसा जा रहा है। बीते मंगलवार को सर्कस  परिसर में एक औपचारिक प्रेसवार्ता में डायमंड सर्कस के मैनेजर एमडी हुसैन ने बताया कि “इससे पहले भी कई बार डायमंड सर्कस रायगढ़ में संचालित किया गया था, जिसे लोगों ने ख़ूब पसंद किया था, उम्मीद है कि इस बार भी लोग बड़ी तादाद में सर्कस देखने पहुंचेंगे और निराश भी नहीं होंगे क्योंकि हमने उनके मनोरंजन के लिए दो घंटे का पूरा पैकेज तैयार करके रखा है। रोज़ाना दोपहर 3 से 5, शाम 5 से 7 और रात 7 से  9 बजे तक कुल तीन शो संचालित होंगे जिसमें तक़रीबन महिला पुरुष मिलाकर कुल दो दर्ज़न सर्कस कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।” एमडी हुसैन ने स्थानीय पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि बीते कई दशकों से वे सर्कस का कारोबार कर रहे हैं, हमारे साथ जुड़े कई लोगों ने कम कमाई होने के कारण धीरे धीरे दूसरे कारोबार का रुख कर लिया, लेकिन हम ऐसा इसलिए नहीं कर पाए, क्योंकि हमें सर्कस के कारोबार को छोड़कर किसी दूसरे कारोबार की समझ नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि “हम सर्कस की आखिरी पीढ़ी हैं, हमारे बाद की पीढ़ी सर्कस का वजूद बरकार रख पायेगी, इसकी उम्मीद ना के बराबर है।

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