OP 15 AUG
previous arrow
next arrow
OP 15 AUG
NAGRIK 15 AUG
RAKESH MISHRA 15 AUG
HINDALCO
KIRSHI 15 AUG
JAYANT 15 AUG
MSP 15 AUG
VPLOVE 15 AUG
JINDAL babu ji
SHIV HOSPITAL 02
SHIV HOSPITAL 01
BALAJI METRO ADD 14 SAL
BALAJI METRO ADD 2
RUPENDR PATEL
SHALBH AGRWAL ADD
msp
jindal
RH
3
UTTAM SCHOOL
R L ADD
Untitled-1
ispanj ayran
SANJIYANI ADD
MSP
APEX ADD
ANUPAM
SANJIVANI 1
SANJIVANI 2
SANJIVANI 3
SANJIVANI 4
SANJIVANI 5
RAIGARH ARTHO 01
RAIGARH ARTHO 02
RAIGARH ARTHO 03
RAIGARH ARTHO 03
sunground
ANUPAM ADD
UTTAM SCHOOL
GANPATI
GANPATI 2
previous arrow
next arrow
Shadow

इंतेहा हो गई इंतज़ार की….क्या एल्डरमेन विहीन रह जायेंगे छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय?

छत्तीसगढ़ में 10 नगर निगम, 49 नगर पालिका और 114 नगर पंचायतों के साथ नगरीय निकायों का सेटअप सरकार द्वारा संचालित है, इन सभी नगरीय निकायों में नई सरकार गठित हुए छः महीने से ज़्यादा का वक़्त बीत चुका है, लाखों करोड़ों का फंड भी जारी हो चुका, सरकारी दावों के मुताबिक़ निर्माण कार्यों की झड़ी लग चुकी है। मगर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इन नगरीय निकायों के लिए एल्डरमैन की नियुक्तियां नहीं की जा सकी हैं। चूंकि जिस राजनैतिक दल की सूबे में सरकार होती है वो राजनैतिक दल अपने उन कार्यकर्ताओं को उपकृत करने के लिए एल्डरमैन का झुनझुना थमाती है जो या तो टिकट से वंचित किये जाते हैं या पार्टी के लिए समर्पित होकर काम करते हैं या फिर अपने नेता विधायक मंत्री के आगे पीछे डोलते रहते हैं। इन सबसे अलग कुछ ऐसे भी चेहरे होते हैं जो दूसरे विपक्षी राजनैतिक दलों से आकर सत्तापक्ष के लिए चुनावों में काम करते हैं, उनको उपकृत करना भी तो सत्तापक्ष के लिए ज़रूरी हो जाता है।

चूंकि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की “नमो-विष्णु-ओपी” सरकार है इसलिए भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता अपने अपने नगरीय निकायों में एल्डरमैन बनने की उम्मीद पालकर बैठे हुए हैं। अब सवाल ये खड़ा होता है कि छत्तीसगढ़ सरकार कब तक नगरीय निकायों के लिए एल्डरमैन सूची को अंतिम रूप देती है। वैसे भारतीय जनता पार्टी संगठन स्तर पर अपने अपने नगरीय निकायों के लिए एल्डरमैनों के नामों की सूची को अंतिम रूप दे चुकी है, तो क्या राज्य सरकार दीपावली से पहले एल्डरमैनों की नियुक्ति कर पायेगी या अभी और इंतज़ार करना पड़ सकता है? बहरहाल एल्डरमैन बनने की चाह लिए भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता तो मन ही मन यही कह रहे हैं….”अब तो इंतेहा हो गई इंतज़ार की”

  • Related Posts

    आख़िर रायगढ़ कैसे पहुंचा 1971 के युद्ध का साक्षी टैंक “विजय”…..जानिये हक़ीक़त

    रायगढ़ शहर में खबर को लेकर दिलचस्पी रखने वाले लोगों को पिछले दिनों आश्चर्यचकित रह जाना पड़ा जब अकस्मात १९७१ में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में अपनी सामरिक क्षमता का…

    राजप्रिय हॉस्पिटल में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के साथ संपन्न हुआ सर्जन्स वीक सेलिब्रेशन, 70 मरीज़ों की निःशुल्क जांच और 32 ज़रूरतमंद मरीज़ों की हुई निःशुल्क सर्जरी

    एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) छत्तीसगढ़ चैप्टर, रायगढ़ शाखा के तत्वावधान में राजप्रिय अस्पताल रायगढ़ द्वारा सर्जन्स वीक सेलिब्रेशन के अवसर पर विगत 11 और 12 जून को विभिन्न…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    विज्ञापन