
सत्ता और प्रशासन के रहमोकरम के बिना संभव नहीं है इतने बड़े पैमाने पर अफ़ीम की खेती : ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो खड़ा होगा जन आंदोलन
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला अंतर्गत तमनार के बाद अब लैलूंगा में लगातार अवैध अफ़ीम की खेती का पकड़ा जाना राज्य में सुशासन का झूठा दंभ भरकर चल रही विष्णु सरकार की नाकामी का खुला सबूत है, इस गंभीर मुद्दे पर युवा कांग्रेस रायगढ़ शहर जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल ने सरकार के खिलाफ़ आक्रामक रुख़ अपनाते हुए तीखा और सीधा आरोप लगाया साथ ही ये भी कहा कि “प्रदेश में अफ़ीम की खेती अब छिपाकर नहीं खुलेआम हो रही है, जो कि बिना सत्तापक्ष के राजनीतिक संरक्षण और प्रशासन की मिलीभगत के संभव ही नहीं है। अफ़ीम की खेती के लगातार हो रहे खुलासों के बावजूद सरकार की चुप्पी ही हमारे आरोपों की सबसे बड़ी सच्चाई है।” युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि “प्रदेश सहित रायगढ़ जिले को सुनियोजित तरीक़े से नशे के दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, आज गांव-गांव में नशे का ज़हर फैल रहा है और सरकार सिर्फ़ तमाशा देख रही है। अगर अफ़ीम की खेती को संरक्षण देने वाले पर्दे के पीछे से जुड़े माफियाओं पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह सम्भव ही नहीं लिहाज़ा उस नेटवर्क का भी खुलासा किया जाना ज़रूरी है। आने वाले दिनों में युवा कांग्रेस द्वारा सरकार को हर मंच पर घेरकर जवाब मांगा जाएगा।”
युवा कांग्रेस के बेहद सक्रिय जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल ने कहा कि “यह सिर्फ़ विरोध नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। सरकार को अब जवाब देना ही होगा कि आख़िर किसके संरक्षण से धान का कटोरा मानी जाने वाली छत्तीसगढ की धरती में अफ़ीम का यह ज़हर बोया जा रहा है?” आशीष ने चेतावनी भरे लहज़े में साफ़ कर दिया है कि “अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो रायगढ़ में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी।”





































